छत्तीसगढ़ जनवार्ता
जांच दल ने पंचायत पहुंचकर दर्ज किए बयान, सरपंच-सचिव, शिकायतकर्ता सहित 7-8 लोग रहे मौजूद; महिला सरपंच तेरस कंवर ने सौंपा लिखित जवाब
कोरबा। सांसद आदर्श ग्राम के रूप में पहचान रखने वाली ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित शिकायत अब जांच के दौर में पहुंच गई है। शिकायत की जांच के लिए 10 अगस्त 2026 को संबंधित जांच दल ग्राम पंचायत पहुंचा। इस दौरान सरपंच, सचिव, शिकायतकर्ता सहित करीब 7-8 लोग मौजूद रहे, जबकि शिकायत से जुड़े सभी हितग्राही जांच के दौरान उपस्थित नहीं हो सके।
जांच के दौरान वर्तमान महिला सरपंच तेरस कंवर, पंचायत सचिव, पूर्व सरपंच कुल सिंह कंवर, जनपद सदस्य किशन कोसले, शिकायतकर्ता शकुंतला कैवर्त सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। वर्तमान सरपंच तेरस कंवर और शिकायतकर्ता की ओर से जांच दल के समक्ष लिखित जवाब भी प्रस्तुत किया गया। वहीं कुछ अन्य संबंधित लोगों के जवाब अभी प्रस्तुत किया जाना बाकी बताया जा रहा है।
शिकायत की प्रति उपलब्ध नहीं कराने का दावा
जांच के दौरान वर्तमान सरपंच तेरस कंवर की ओर से एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया गया। उनका कहना है कि जनपद पंचायत की ओर से जांच के लिए सरपंच और सचिव को निर्धारित समय की सूचना देते हुए पत्र भेजा गया था, लेकिन शिकायत की पूरी प्रति पंचायत को उपलब्ध नहीं कराई गई।
सरपंच के अनुसार शिकायत में जिन हितग्राहियों का उल्लेख किया गया है, उनके नामों की प्रमाणित प्रति तथा राशि के आहरण या भुगतान से संबंधित विस्तृत अभिलेख भी जांच से पहले पंचायत को उपलब्ध नहीं कराए गए। ऐसे में पंचायत की ओर से यह सवाल उठाया गया है कि शिकायत के पूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी के बिना जांच की प्रक्रिया को किस तरह प्रभावी ढंग से पूरा किया जाएगा।
सभी संबंधित हितग्राहियों की गैरमौजूदगी बनी सवाल
जांच के दौरान शिकायत से जुड़े सभी हितग्राहियों की उपस्थिति नहीं होने से भी कई सवाल सामने आए हैं। हालांकि संबंधित हितग्राही किन कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि उन्हें जांच की सूचना दी गई थी या नहीं।
ऐसे में आगामी जांच में संबंधित सभी हितग्राहियों के बयान और दस्तावेज सामने आना मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंचायत से लेकर जनपद स्तर तक दस्तावेजों की जांच जरूरी
प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्राम पंचायत की भूमिका मुख्य रूप से पात्र हितग्राहियों के चयन और ग्राम सभा से संबंधित प्रक्रिया तक होती है। योजना के आगे के चरणों में स्वीकृति, किस्तों का भुगतान और राशि अंतरण शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संबंधित स्तरों से किया जाता है।
यदि शिकायत में किसी हितग्राही के नाम पर स्वीकृत राशि किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में पहुंचने अथवा भुगतान संबंधी अनियमितता का आरोप है, तो इसकी जांच के लिए पंचायत के अभिलेखों के साथ-साथ जनपद पंचायत स्तर के रिकॉर्ड, स्वीकृति संबंधी दस्तावेज, भुगतान विवरण और बैंक खाते से जुड़े अभिलेखों की भी जांच आवश्यक होगी।
आरोप सही या गलत, जांच के बाद ही होगी तस्वीर साफ
तिलकेजा में पिछले कुछ समय से शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। ऐसे में यह संभावना भी सामने आ रही है कि पूरे विवाद के पीछे स्थानीय स्तर की आपसी खींचतान या अन्य कारण हो सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगी।
यदि जांच में किसी स्तर पर दस्तावेजों में कूटरचना, मिलीभगत या नियम विरुद्ध भुगतान की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यहीन पाए जाते हैं, तो शिकायत के आधार और उसकी वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।
अब अगली जांच पर टिकी निगाहें
सांसद आदर्श ग्राम तिलकेजा से जुड़ा यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास जैसी महत्वपूर्ण योजना में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचना प्राथमिकता है।
10 अगस्त की जांच में सभी संबंधित हितग्राहियों की मौजूदगी नहीं होना और पंचायत की ओर से शिकायत व भुगतान संबंधी पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने का दावा सामने आने के बाद अब अगली जांच पर निगाहें टिकी हैं। सभी संबंधित पक्षों के बयान और दस्तावेज सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।












