छत्तीसगढ़ जनवार्ता
कांग्रेस बोली— सवाल भगवान श्रीराम पर नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था, चढ़ावे और जवाबदेही पर है; सरकार से सार्वजनिक ऑडिट और निष्पक्ष जांच की मांग।
| 20 जुलाई 2026
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे, वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य भगवान श्रीराम या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रश्न उठाना नहीं है, बल्कि श्रीराम के नाम पर मंदिर में प्राप्त दान, बहुमूल्य धरोहरों और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीराम पूरे देश के हैं और राम मंदिर किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। मंदिर में चढ़ाया गया प्रत्येक रुपया और प्रत्येक धरोहर करोड़ों श्रद्धालुओं की अमानत है, इसलिए उसके संरक्षण और लेखा-जोखा को सार्वजनिक करना सरकार और संबंधित ट्रस्ट की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन जब मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठते हैं तो सरकार जवाब देने से बचती है। पार्टी ने पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी है तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, स्वतंत्र एसआईटी या सीबीआई जांच कराने में हिचकिचाहट क्यों है।
प्रेसवार्ता में यह भी सवाल उठाया गया कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित कैसे हो सकती है। कांग्रेस ने ट्रस्ट के ऑडिट, स्टॉक रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी अथवा स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच।
समयबद्ध जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
छोटे कर्मचारियों से लेकर उच्च पदाधिकारियों तक जवाबदेही तय हो।
दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ समान कानूनी कार्रवाई हो।
श्रीराम मंदिर सहित देश के प्रमुख मंदिरों में डिजिटल इन्वेंट्री, स्वतंत्र वार्षिक ऑडिट, ऑनलाइन लेखांकन और सार्वजनिक वित्तीय रिपोर्ट की व्यवस्था लागू की जाए।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से भी सीधे सवाल पूछते हुए जानना चाहा कि क्या सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराएगी, ट्रस्ट का पूरा ऑडिट सार्वजनिक करेगी और जांच रिपोर्ट देश के सामने रखेगी।
प्रेसवार्ता के अंत में कांग्रेस ने कहा कि उसकी मांग केवल निष्पक्ष जांच, पूर्ण पारदर्शिता और कानून के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई की है। पार्टी का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।









