दिया तले अंधेरा’ साबित हो रहा कोरबा, बिजली संकट पर कांग्रेस का विरोध

कोरबा छत्तीसगढ़

*कोरबा* – कोरबा शहर सहित उपनगरीय क्षेत्र दर्री – जमनीपाली, बालको एवं कुसमुंडा में बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्‍ता परेशान है। बिजली घर और ऊर्जाधानी के नाम से पहचान पाने वाला कोरबा इन दिनों ‘दिया तले अंधेरा’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है ।

उक्‍त कथन जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने प्रेस नोट जारी कर कहा है । श्री राठौर ने आगे कहा कि बिजली के आंख मिचौली से एसी, टी व्‍ही, पंखे, फ्रीज आदि इलेक्‍ट्रानिक समान खराब हो रहे हैं । लो वोल्‍टेज की समस्‍या से लोग परेशान हैं । बढ़ती गर्मी और उमस से लोग हलाकान हो रहे हैं, वहीं कोरबा में बिजली बार – बार बंद चालु हो रही है।

जानकारी के अनुसार अप्रैल माह में 215 बार से भी अधिक बार विद्युत सप्‍लाई बंद किया गया । इस प्रकार से यह अघोषित विद्युत कटौती है । श्री राठौर ने बताया कि कांग्रेस शासन के कार्यकाल में तत्‍कालिन मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयास से वर्ष 2022 – 23 में जमनीपाली – दर्री, एम पी नगर, दादरखुर्द, खरमोरा और पावर हाउस मार्ग में चार सब स्‍टेशन का निर्माण हुआ था, जिससे बिजली की आंख मिचौली से राहत मिले सके, लेकिन जमनीपाली सब स्‍टेशन शुरू नहीं हो पाया है, जिसके कारण जमनीपाली क्षेत्र में लो वोल्‍टेज समस्‍या के साथ – साथ विद्युत सप्‍लाई बार – बार बंद किये जाने की शिकायतें मिल रही है ।

जिलाध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि गर्मी के दिनों में यदा – कदा तथा बरसात के दिनों में तेज बारिश और आंधी तुफान से कहीं भी फाल्‍ट आता है, इसे खोजने में घंटों लगते हैं । सब स्‍टेशन के शुरू होने से इस समस्‍या से निजात पाया जा सकता है । श्री राठौर ने बताया कि कोरबा शहर सहित सभी उपनगरीय दर्री – जमनापाली, बालको, कुसमुण्‍डा क्षेत्र में लगे लगभग सभी ट्रांसफार्मर के पेनल बोर्ड जीर्ण शीर्ण स्थिति में हैं। सभी के दरवाजा (ढक्‍कन) गायब हैं, ग्रीप गायब हैं, खुले में तार लगाकर काम चला रहे हैं ।

प्रदेश में बिजली दरों में भारी बढ़ोत्‍तरी के बावजूद विद्युत उपभोक्‍ताओं को विद्युत सुविधाओं का सही लाभ नहीं मिल रहा है जिससे जनता में आक्रोश पनप रहा है। कभी भी उग्र प्रदर्शन करने मजबूर हो सकते हैं ।

 

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