छत्तीसगढ़ जनवार्ता
कोरबा। ग्राम बरबसपुर में आबकारी विभाग द्वारा नई शराब दुकान खोले जाने के प्रस्ताव का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ग्रामवासियों के बुलावे पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल अपने समर्थक कांग्रेस नेताओं के साथ बरबसपुर पहुंचे और धरने पर बैठे ग्रामीणों एवं महिलाओं को समर्थन दिया।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जब गांव के लोग एक स्वर में शराब दुकान का विरोध कर रहे हैं तो आबकारी विभाग को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन दुकान नहीं खोलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खुलने से बरबसपुर के साथ-साथ रापाखर्रा, भिलाईखुर्द, कर्रानाला सहित आसपास के कई गांवों का सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ये गांव नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद आज भी ग्रामीण संस्कृति और परिवेश के अनुरूप जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यहां के अधिकांश परिवार खेती-किसानी और मजदूरी पर निर्भर हैं तथा बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज तक का खर्च खेती से ही चलता है। ऐसे में शराब दुकान खुलने से सामाजिक और आर्थिक समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि रामपुर एवं पथर्रीपारा-मानसनगर क्षेत्र के लोग भी वर्षों से संबंधित शराब दुकान के कारण परेशान हैं। यदि शहर के लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं तो आबकारी विभाग को इस दुकान को स्थायी रूप से बंद करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “ना रहेगा बांस, ना बजेगी बांसुरी। एक दुकान बंद होने से आबकारी विभाग का खजाना खाली नहीं हो जाएगा।”
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। पूर्व मंत्री के पहुंचने पर समर्थकों ने “जयसिंह भैय्या जिंदाबाद” के नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने उस मकान मालिक से दूरभाष पर चर्चा की, जहां प्रस्तावित शराब दुकान संचालित की जानी थी। चर्चा के बाद मकान मालिक ने आश्वासन दिया कि वह शराब दुकान के लिए अपना भवन उपलब्ध नहीं कराएगा और इस संबंध में आबकारी विभाग को लिखित सूचना भी देगा।
पूर्व मंत्री ने दूरभाष पर आबकारी विभाग के अधिकारी राकेश राठौर से भी बात करते हुए बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खोलने देने की बात कही। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री और ओवररेटिंग पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि बरबसपुर में विरोध का स्वर बेहद प्रबल है और वे ग्रामवासियों के साथ हर संघर्ष में खड़े रहेंगे।









