कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा, 30 जुलाई 2026। कोरबा विकासखंड के मलेरिया प्रभावित ग्राम विमलता और रफता में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतते हुए 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात कर दी है। दोनों गांवों में अब तक 41 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद विभाग ने रैपिड फीवर सर्वे, घर-घर जांच और उपचार अभियान तेज कर दिया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने गुरुवार को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर मेडिकल टीम की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रैपिड फीवर सर्वे, मलेरिया किट से जांच, रक्त स्लाइड संग्रह, दवाइयों की उपलब्धता और लार्वा नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बुखार पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों की समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए।
सीएमएचओ ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला परजीवी जनित रोग है। इसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी और अत्यधिक पसीना आना हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित गांवों में बुखार के मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। सामान्य मरीजों का मौके पर उपचार किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है। एक मरीज को 108 एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्यांग की एंबुलेंस भी आपातकालीन सेवाओं के लिए तैनात की गई है।
सीएमएचओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं। रात में नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें तथा पूरी बांह के कपड़े पहनें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं और स्थिति नियंत्रण में है। समय पर जांच, उपचार और जनसहभागिता से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।








