कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। एचटीपीएस कोरबा-पश्चिम के आवासीय परिसर स्थित अस्पताल में मरीजों की सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था संभालने वाले संविदा पैरामेडिकल स्टाफ को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। भारतीय संविदा मजदूर महासंघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के नेतृत्व में सोमवार को अस्पताल में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने कामबंद आंदोलन करते हुए मुख्य द्वार के सामने धरना प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग शासन द्वारा निर्धारित वेतन के साथ-साथ ईएसआईसी (ESIC) और ईपीएफ (EPF) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।
11 जून तक दिया था समय, समाधान नहीं होने पर शुरू हुआ आंदोलन
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों के अनुसार 2 जून 2026 को मुख्य अभियंता (उत्पादन), हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा-पश्चिम को ज्ञापन सौंपकर ठेका कर्मियों की समस्याओं से अवगत कराया गया था। संघ ने 11 जून तक समस्याओं के निराकरण का समय दिया था, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने पर 15 जून से कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया गया।
“अधिकारों के लिए बार-बार लगाना पड़ रहा चक्कर”
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी राधेश्याम जायसवाल ने कहा कि संविदा कर्मचारी वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों के उपचार और देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाले इन कर्मचारियों को जब अपने अधिकारों की बात आती है, तो बार-बार प्रबंधन के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और अस्पताल प्रबंधन को कई बार समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद गंभीरता नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं से कर्मचारियों को वंचित रखना श्रमिकों के साथ अन्याय है और जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप कर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
“अतिरिक्त सुविधा नहीं, अपने अधिकार मांग रहे हैं कर्मचारी”
आंदोलनरत संविदा पैरामेडिकल स्टाफ का कहना है कि वे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें निर्धारित वेतन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांग कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि शासन द्वारा निर्धारित अधिकारों को लागू करने की मांग है।
उठ रहे कई सवाल
क्या मरीजों की सेवा में लगे पैरामेडिकल स्टाफ को अपने वेतन और सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ेगा?
क्या ठेका व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों के अधिकारों की निगरानी करना प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं है?
जब शासन ने वेतन, ESIC और EPF के स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं, तो उनके पालन में देरी क्यों हो रही है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदार और प्रबंधन की जवाबदेही तय करेंगे, ताकि कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन का सहारा न लेना पड़े?
फिलहाल एचटीपीएस कोरबा-पश्चिम अस्पताल के संविदा पैरामेडिकल कर्मचारियों का आंदोलन जारी है और अब सभी की निगाहें प्रबंधन की अगली कार्रवाई और संभावित समाधान पर टिकी हुई हैं।









