बालको में ‘खटिया खड़ी आंदोलन’, स्थानीय रोजगार और मजदूर अधिकारों को लेकर अमित जोगी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा, बालको। औद्योगिक क्षेत्र भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) में स्थानीय मजदूरों और युवाओं के साथ कथित अन्याय के विरोध में शुक्रवार को बड़ा जनआंदोलन देखने को मिला। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के नेता Amit Jogi के नेतृत्व में बालको पावर प्लांट के सामने ‘खटिया खड़ी आंदोलन’ आयोजित किया गया। आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय मजदूर और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए और बालको प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।

आंदोलन के दौरान अमित जोगी ने बालको प्रबंधन से चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में कंपनी द्वारा क्षेत्र के 90 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा जमीन पर पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे क्षेत्र में भारी नाराजगी है। उन्होंने मांग की कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए।

जोगी ने मजदूरों के वेतन से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों को 12 प्रतिशत वेतन वृद्धि दी जाती थी, जिसे घटाकर अब 8 प्रतिशत कर दिया गया है। इसे मजदूरों के अधिकारों के साथ अन्याय बताते हुए उन्होंने वेतन वृद्धि को पुनः 12 प्रतिशत करने की मांग की।

आंदोलन के दौरान जोगी कांग्रेस के पदाधिकारियों और मजदूरों ने बालको प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि आईटीआई कर चुके और अप्रेंटिस के रूप में कार्य करने वाले कई स्थानीय युवा पिछले 15 से 20 वर्षों से मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है। इसके विपरीत बाहरी लोगों को स्थायी नौकरी देकर स्थानीय युवाओं की उपेक्षा की जा रही है।

मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर उनके साथ कठोर व्यवहार किया जाता है। यदि कोई मजदूर लगातार काम करने के बाद कुछ मिनट आराम कर ले या थोड़ी देर आंख बंद कर ले, तो उसकी तस्वीर खींचकर उसे तीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया जाता है। संयंत्र के अंदर मार्गों पर लगाए गए स्पीड मीटर का भी उपयोग मजदूरों के खिलाफ कार्रवाई के आधार के रूप में किया जा रहा है।

आंदोलन के दौरान एक पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि वह स्वयं बालको संयंत्र में मजदूर के रूप में कार्यरत हैं और आंदोलन में शामिल होने के कारण पिछले तीन दिनों से उनके घर की बिजली और पानी की सुविधा बंद कर दी गई है। उन्होंने इसे मजदूरों की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

अमित जोगी ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि संयंत्र में काम करने वाले कई मजदूरों का अब तक Employees’ State Insurance Corporation> (ESIC) में पंजीयन नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक मजदूरों का ईएसआईसी पंजीयन नहीं हो जाता, तब तक बालको प्रबंधन अपने अस्पताल में उन्हें और उनके परिवारों को इलाज की सुविधा प्रदान करे।

आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रोजगार, मजदूरों की सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन और जोगी कांग्रेस के पदाधिकारियों के बीच कुछ समय के लिए हल्की बहस और नोकझोंक की स्थिति भी बनी, जिसे बाद में समझाइश के बाद शांत करा लिया गया।

अमित जोगी ने कहा कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ हमेशा मजदूरों और स्थानीय लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलन के बाद बालको प्रबंधन ने प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मजदूरों की मांगों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।

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