कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। कलेक्टर की अध्यक्षता में 23 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बरसात के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल जांच, आयुष्मान कार्ड, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, एनसीडी, आरबीएसके, आयुष, एनआरसी तथा मौसमी बीमारियों सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि सुशासन सुनिश्चित करने के लिए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत आयोजित शिविरों में शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड एवं आभा आईडी बनाए जाएं तथा उन्हें सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने पीएम जनमन ग्रामों में आयुष्मान भारत कार्ड और जननी सुरक्षा योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा मितानिन दवा पेटियों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही डॉगबाइट के मामलों के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन तथा सर्पदंश उपचार हेतु एंटी-स्नेक वेनम सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
टीबी कार्यक्रम की समीक्षा में सभी संभावित मरीजों की नाट टेस्ट एवं एक्स-रे जांच कर उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं कुष्ठ कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हांकित संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग एवं उपचार पर जोर दिया गया।
मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में पंजीयन किया जाए तथा उन्हें पीएमएसएमए के तहत कम से कम एक बार जांच हेतु भेजा जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की सतत निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत पात्र दंपत्तियों की काउंसलिंग कर पुरुष एवं महिला नसबंदी के लक्ष्यों को पूर्ण करने, एनआरसी में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी बनाए रखने तथा सिकल सेल मरीजों की आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में एनसीडी स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, आरबीएसके टीम द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ियों एवं ट्राइबल हॉस्टलों में बच्चों की जांच, यू-विन पोर्टल में शत-प्रतिशत टीकाकरण प्रविष्टि तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का सात दिवस के भीतर निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










