छत्तीसगढ़ जनवार्ता
कोरबा, 10 जुलाई। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच श्रीमती हेमलता बघेल को गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39(1) के तहत की गई है, जबकि उनके विरुद्ध धारा 40(1)(क) के तहत पद से पृथक करने की कार्रवाई भी न्यायालय में प्रक्रियाधीन है।
प्राप्त आदेश के अनुसार, ग्रामवासियों द्वारा सरपंच के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता एवं पदीय दायित्वों के दुरुपयोग की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा से विस्तृत जांच कराई गई।
जांच प्रतिवेदन तथा ग्राम पंचायत के आईडीबीआई बैंक, कोनकोना शाखा के खाते के विवरण में यह सामने आया कि तत्कालीन सचिव रविन्द्र कुमार सिंह के साथ संयुक्त हस्ताक्षर के माध्यम से ग्राम पंचायत के शासकीय खाते से 37 लाख 26 हजार रुपये की स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि कथित रूप से नियमों के विरुद्ध सरपंच के निजी बचत खाते में स्थानांतरित की गई। आदेश में इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं गबन का मामला बताते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के वित्तीय एवं लेखा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।
इसी आधार पर सक्षम न्यायालय द्वारा पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसकी तामील भी कराई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि सरपंच के पद पर बने रहने से ग्राम पंचायत के कार्य, अभिलेख तथा निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में श्रीमती हेमलता बघेल ग्राम पंचायत के किसी भी शासकीय अथवा वित्तीय कार्य का संचालन नहीं करेंगी। साथ ही उन्हें ग्राम पंचायत के समस्त शासकीय प्रभार, अभिलेख एवं सामग्री संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को तत्काल सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश 10 जुलाई 2026 को सक्षम प्राधिकारी द्वारा हस्ताक्षर एवं न्यायालय की पदमुद्रा के साथ जारी किया गया। धारा 40 के तहत पद से पृथक करने की कार्यवाही अभी भी जारी है, जिस पर अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।










