छत्तीसगढ़ जनवार्ता
कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जटगा में बोर खनन कार्यों के नाम पर हुए 9 लाख 17 हजार 850 रुपये के भुगतान का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतकर्ता दीपक कुमार गुप्ता ने पहले की जांच पर सवाल उठाते हुए आज दोबारा शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में जांच प्रक्रिया पर संदेह जताते हुए अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका व्यक्त की गई है।
मामले में पहले जनपद पंचायत की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता नहीं मिलने की बात कही थी। वहीं, GST अधिकारी की जांच रिपोर्ट में विनय ट्रेडर्स का GST पंजीयन निरस्त होने, बताए गए पते पर कारोबार नहीं मिलने और बिलों में आवश्यक जानकारियों की कमी का उल्लेख किया गया है।
नौ स्थानों पर बोर खनन के भुगतान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में ग्राम पंचायत जटगा में नौ स्थानों पर बोर खनन के लिए अलग-अलग भुगतान किए गए। इनमें समार सिंह, राम प्रसाद और जमन सिंह के घर के पास, राम मंदिर, पुराने एवं नए धान मंडी सहित अन्य स्थानों पर कराए गए कार्य शामिल हैं। इन भुगतानों की कुल राशि 9 लाख 17 हजार 850 रुपये बताई गई है।
दोनों जांच रिपोर्टों के अंतर पर उठे सवाल
एक ओर जनपद पंचायत की जांच में गड़बड़ी नहीं मिलने की बात सामने आई, तो दूसरी ओर GST अधिकारी की रिपोर्ट में संबंधित फर्म और बिलों को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में शिकायतकर्ता ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की दोबारा जांच की मांग की है।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित भुगतान, बिलों, सामग्री की आपूर्ति और कार्यों से जुड़े दस्तावेजों का निष्पक्ष तरीके से मिलान किया गया था? शिकायत पर दोबारा जांच की मांग के बाद अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की अपेक्षा है।
फिलहाल, अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका शिकायतकर्ता द्वारा जताई गई है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में दोबारा जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।











