कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत सलोरा क अंतर्गत ग्राम कैलाशनगर के वार्ड क्रमांक 7 में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग एक वर्ष से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। परेशान ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। लेकिन पानी सप्लाई के लिए बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन का लगभग 500 से 700 मीटर हिस्सा जाम हो जाने के कारण घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे वार्ड के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बार-बार खराब हो रहा सबमर्सिबल पंप
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल के लिए लगाया गया सबमर्सिबल पंप भी बार-बार खराब हो जाता है, जिससे पानी की समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में न तो तालाब है और न ही हैंडपंप की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में जलापूर्ति बाधित होने पर ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में ग्राम सरपंच को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। लगातार बनी इस समस्या से ग्रामीणों में नाराजगी है और वे जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
पाइपलाइन बदलने और नया पंप लगाने की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कोरबा में आवेदन सौंपकर जाम हो चुकी मुख्य पाइपलाइन के लगभग 500 से 700 मीटर हिस्से को बदलने तथा गांव में नया सबमर्सिबल पंप लगाने की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत या बदलाव और पंप की समुचित व्यवस्था होने से गांव में पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सकता है।
अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कैलाशनगर वार्ड क्रमांक 7 के निवासियों को राहत दिलाने के लिए कब तक आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।











