छत्तीसगढ़ जनवार्ता
सीटी स्कैन में 80 सीसी मवाद जमा होने का दावा, कल्चर जांच के सैंपल पर भी उठाए सवाल; मेडिकल बोर्ड से जांच की मांग
कोरबा। शहर के शिवाय हॉस्पिटल में ऑपरेशन के करीब तीन महीने बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ने और घाव से लगातार मवाद निकलने का मामला सामने आया है। महिला के पति विकास कुमार अग्रवाल ने अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित चिकित्सकों पर संभावित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्टर, सीएमएचओ और पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की है। उन्होंने मेडिकल बोर्ड गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, विकास अग्रवाल की पत्नी सोनम अग्रवाल का करीब तीन महीने पहले बच्चेदानी एवं फैलोपियन ट्यूब से संबंधित समस्या को लेकर शिवाय हॉस्पिटल में लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय बाद टांके वाली जगह पर सूजन आने लगी और घाव से मवाद निकलने लगा। दवाइयों के बावजूद राहत नहीं मिलने पर महिला का सीटी स्कैन कराया गया।
सीटी स्कैन में 80 सीसी मवाद जमा होने का दावा
शिकायतकर्ता ने 24 अक्टूबर 2026 की सीटी स्कैन रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि ऑपरेशन वाली जगह पर करीब 80 सीसी मवाद जमा था। रिपोर्ट में संक्रमण प्रभावित हिस्से का आकार 6.2 × 5.2 × 5 सेंटीमीटर बताया गया है। इसके बाद घाव को दोबारा खोलकर ड्रेसिंग शुरू की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद महिला को राहत नहीं मिली और शरीर के दूसरे हिस्से से भी मवाद निकलने लगा।
कल्चर जांच के सैंपल को लेकर उठाए सवाल
मामले में कल्चर एवं सेंसिटिविटी जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विकास अग्रवाल का आरोप है कि डॉक्टर ने मवाद का सैंपल जांच के लिए लैब भेजने की बात कही थी, लेकिन अगले दिन लैब में संपर्क करने पर वहां सोनम अग्रवाल के नाम से कोई सैंपल प्राप्त होने या उसकी एंट्री दर्ज होने की जानकारी नहीं मिली। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संबंध में बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है।
मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच की मांग
विकास अग्रवाल ने प्रशासन से ऑपरेशन से लेकर अब तक के उपचार की स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच कराने, ऑपरेशन नोट्स, मेडिकल फाइल, लैब रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं जनरल सर्जन की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड गठित कर महिला की वर्तमान स्थिति का परीक्षण और उचित उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
अस्पताल का आधिकारिक पक्ष नहीं आया सामने
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारियों ने बताया कि उस समय डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और मेडिकल जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।








