सूरजपुर में सनसनीखेज वारदात: घर में मिला शिक्षिका मां का शव, जंगल में मिट्टी में दबा मिला 12वीं के छात्र बेटे का शव

छत्तीसगढ़ जनवार्ता 

मां-बेटे के शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका गहराई, दोनों के मोबाइल फोन भी गायब; पुलिस फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से जुटा रही साक्ष्य

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षिका मां और उसके 12वीं में पढ़ने वाले बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शिक्षिका रजनी बैराठ का शव उनके किराए के मकान के बाथरूम में मिला, जबकि उनके बेटे सुजल बैराठ का शव घर से करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर जंगल में मिट्टी में दबा हुआ बरामद किया गया। दोनों के शरीर पर चोट के निशान मिलने की जानकारी सामने आने के बाद मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है। मां-बेटे शुक्रवार से लापता बताए जा रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
जंगल में मिट्टी में दबा मिला छात्र का शव
जानकारी के अनुसार, शनिवार, 10 अक्टूबर को जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर जंगल में एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिट्टी में दबा हुआ मिला। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की।
इसी बीच देर रात विश्रामपुर थाना पुलिस को केशवनगर में रहने वाली एक शिक्षिका और उनके बेटे के शुक्रवार से लापता होने की सूचना मिली। पुलिस जब शिक्षिका के किराए के मकान पर पहुंची, तो बाथरूम में उनका शव मिला। इसके बाद जंगल में बरामद युवक के शव की पहचान शिक्षिका के बेटे सुजल बैराठ के रूप में हुई। एक ही परिवार के मां-बेटे की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
15 वर्षों से केशवनगर में रह रही थीं शिक्षिका
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका रजनी बैराठ मूल रूप से जांजगीर जिले की रहने वाली थीं। वह पिछले करीब 15 वर्षों से सूरजपुर जिले के केशवनगर में किराए के मकान में अपने बेटे सुजल के साथ रह रही थीं। रजनी बैराठ सूरजपुर से लगे ग्राम पंचायत बेलटीकरी के मिडिल स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं, जबकि उनका बेटा सुजल कार्मेल स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था।
बताया गया है कि रजनी बैराठ तलाकशुदा थीं और मां-बेटे घर में अकेले रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों शुक्रवार से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके बाद उनके लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई।
शरीर पर चोट के निशान, मोबाइल फोन भी गायब
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, मां और बेटे दोनों के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। इसके अलावा, दोनों के मोबाइल फोन भी गायब बताए जा रहे हैं। हालांकि, चोटों की प्रकृति, मौत के वास्तविक कारण और मोबाइल फोन गायब होने के पीछे की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की सहायता से घटनास्थलों से साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मां-बेटे के साथ आखिरी बार क्या हुआ था और उनकी मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
कई अनसुलझे सवाल, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
इस दोहरी मौत के मामले में कई अहम सवाल अब भी अनसुलझे हैं। शिक्षिका का शव घर के बाथरूम में और उनके बेटे का शव कई किलोमीटर दूर जंगल में मिट्टी में दबा हुआ मिलने की परिस्थितियां जांच का प्रमुख हिस्सा हैं।
क्या मां-बेटे की हत्या की गई? क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति या समूह का हाथ है? उनके मोबाइल फोन कहां गए और इस वारदात के पीछे क्या वजह हो सकती है? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मौत की असली वजह और घटना के पीछे की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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