छत्तीसगढ़ जनवार्ता
कोरबा। ग्राम पंचायत लोतलोता स्थित बंद पड़े राखड़ डैम को दोबारा शुरू करने की कोशिश का ग्रामीणों ने एक बार फिर विरोध किया। गुरुवार को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (सीएसपीजीसीएल) के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पांडे टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने पर्यावरणीय स्वीकृति, तकनीकी जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक अनुमतियां सार्वजनिक किए बिना काम शुरू करने से इनकार कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 में पर्यावरणीय कारणों से डैम बंद कर दिया गया था। ऐसे में अब इसे दोबारा किस आधार पर चालू किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि झाबुआखार राखड़ डैम हादसे के बाद लोतलोता डैम का निरीक्षण हुआ था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई।
इस दौरान अधिकारी और ग्रामीणों के बीच बातचीत भी हुई। ग्रामीणों का दावा है कि बातचीत के दौरान दिए गए एक कथित बयान की वीडियो क्लिपिंग उनके पास मौजूद है, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। बाद में अधिकारी ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनका आशय किसी को धमकी देना नहीं था।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि केवल डैम की सुरक्षा, स्वतंत्र तकनीकी जांच और सभी वैध पर्यावरणीय स्वीकृतियां सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी है, हालांकि आगे बैठक कर समाधान निकालने पर सहमति बनी है। अब पूरे मामले पर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।










