राखड़ की जहरीली सिलिका धूल से त्रस्त ग्राम झाबु के ग्रामीणों का प्रदर्शन, सीएसईबी प्रबंधन पर गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ जनवार्ता

कोरबा सीएसईबी एचटीपीपीएस (HTPPs) विद्युत संयंत्र के राखड़ डैम से उड़ने वाली सिलिका युक्त धूल ने ग्राम झाबु के निवासियों का जीवन संकट में डाल दिया है। बार-बार शिकायत और पत्राचार के बावजूद राखड़ डैम पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आज मौके पर जाकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम झाबु के पास स्थित राखड़ डैम से रोजाना तेज हवाओं के साथ महीन राखड़ उड़कर गांव में फैल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि धूल उनके घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच रही है, जिससे सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, राखड़ में मौजूद सिलिका धूल लंबे समय तक सांस के जरिए शरीर में जाने पर सिलिकोसिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का कारण बन सकती है। यह फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचाती है और इसका कोई स्थायी इलाज भी नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के तहत राखड़ डैम पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव अनिवार्य है, लेकिन सीएसईबी प्रबंधन इस जिम्मेदारी से बच रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

 

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