मनरेगा पर खतरा, रोजगार के अधिकार पर हमला” — गांधी चौक कोरबा में कांग्रेस का सामूहिक उपवास

कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि सुधार के नाम पर लोकसभा में बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को कमजोर किया गया है। यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और गरीब मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की जानबूझकर की गई कोशिश है।
वे रविवार को गांधी चौक कोरबा में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत सामूहिक उपवास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. महंत ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकार आधारित कानून के रूप में लागू की गई थी, लेकिन नए फ्रेमवर्क के जरिए इसे शर्तों वाली, केंद्र नियंत्रित योजना में बदला जा रहा है, जिससे रोजगार की वैधानिक गारंटी समाप्त हो जाएगी।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा के तहत मजदूरों को काम मांगने का कानूनी अधिकार था, जिसे कभी सरकारी फरमान से रोका नहीं जा सकता था। पिछले दो दशकों से यह योजना 12 करोड़ से अधिक मजदूरों की लाइफलाइन रही है और कोविड काल में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनी।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी थी, लेकिन नाम और नियम बदलकर इसे पूरी तरह केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर कर दिया गया है। पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर भ्रम फैलाया है, जबकि नए नाम में भगवान राम से कोई संबंध नहीं है।
पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला कांग्रेस नेताओं और अन्य वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा अधिनियम 2005 में लागू एक अधिकार आधारित कानून था, जिसे कमजोर करना ग्रामीण आजीविका, पलायन रोकने और मजदूरी सुरक्षा पर सीधा हमला है। कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन मनोज चौहान ने किया तथा आभार प्रदर्शन मुकेश राठौर ने किया।

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