48 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: प्यार, धोखा और खून की खौफनाक कहानी

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा जिले के बाकीमोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सब स्टेशन के पास दो दिन पूर्व खून से लथपथ हालत में मिले एक युवक की हत्या के मामले को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

मृतक की पहचान अश्विनी पाठक उर्फ पिंटू, निवासी अयोध्यापुरी, दर्री के रूप में हुई। प्रथम दृष्टया यह एक ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रहा था, पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था लेकिन शक की परछाइयाँ चारों ओर घूम रही थीं और इस अंधे कत्ल की गुत्थी हर पल जटिल होती जा रही थी,किंतु वैज्ञानिक, तकनीकी और समन्वित पुलिस प्रयासों से मामले की तह तक पहुँचा गया।

विशेष टीम का गठन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक विमल पाठक के नेतृत्व में एक विशेष अन्वेषण टीम गठित की गई। टीम में शामिल रहे:बांकीमोगरा थाना प्रभारी चमन सिन्हा, दर्री थाना प्रभारी  ललित चंद्रा,साइबर सेल एवं तकनीकी विश्लेषण टीम,

टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, और संदेहास्पद व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

रिश्तों की दरार और प्यार का छल,  पिंटू की दोहरी ज़िंदगी

पिंटू उर्फ अश्विनी पाठक की ज़िंदगी दो दुनियाओं के बीच झूल रही थी एक तरफ़ उसकी पहली ब्याहता पत्नी और दूसरी ओर अंजू पाठक जो उसके साथ अब रह रही थी अंजू ने अपना पिछला रिश्ता तोड़कर उसके साथ नया जीवन शुरू किया था लेकिन पुराने रिश्ते की परछाइयाँ फिर लौट आईं अंजू और उसके पूर्व पति के बीच फिर से संवाद शुरू हुआ और यहीं से शुरू हुई वह कशमकश जो एक हत्या में बदल गई

जांच की बारीकी से परत-दर-परत खुली साज़िश ,

पुलिस ने किसी जल्दबाज़ी में फैसला नहीं लिया जांच की हर कड़ी को जोड़ा गया हर संदेहियों को पकड़ा पूछताछ की कॉल डिटेल मोबाइल लोकेशन और डिजिटल ट्रेस को मिलाया गया संदेह के आधार पर अंजू से पूछताछ की जिसमें उसकी भूमिका स्पष्ट होती गई और फिर सामने आए दो किरदार एकलव्य यादव उर्फ सिटू,अजय चौहान और पूछताछ के दौरान एक अन्य आरोपी रंजीत सिंह मेहरा जो इस खूनी पटकथा का साइलेंट पार्टनर निकला

जांच में यह बात सामने आई कि मृतक की पत्नी अंजू पाठक ने अपने पति की हत्या की योजना रची और इसके क्रियान्वयन के लिए एकलव्य यादव एवं अजय चौहान की मदद ली। आरोपियों ने मृतक को बहाने से बाकीमोंगरा सब स्टेशन के पास बुलवाकर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

जब दोस्त कातिल बन गए और की विश्वास हत्या

एकलव्य यादव और अजय चौहान पिंटू के बेहद करीबी माने जाते थे लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि उन्हीं दोस्तों ने उसकी हत्या की साजिश रची वह भी उस महिला के कहने पर जिसे पिंटू अपना सब कुछ मान चुका था

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद एकलव्य और अजय ने भागने की कोशिश की लेकिन टेक्नोलॉजी और जांच की सूक्ष्मता ने उन्हें ज्यादा दूर नहीं जाने दिया

06 जुलाई 2025 को शाम के इस पूरी साजिश की तस्वीर साफ हो गई पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया

एकलव्य यादव उर्फ सीटू (उम्र 20 वर्ष), निवासी इंदिरा नगर, जमनीपाली

अजय चौहान (उम्र 32 वर्ष), निवासी इंदिरा नगर, जमनीपाली

अंजू पाठक (उम्र 30 वर्ष), निवासी सीएसईबी कॉलोनी, दर्री

रंजीत सिंह मेहरा (उम्र 50 वर्ष), निवासी सरग बुंदिया, थाना उरगा (किरायेदार)

कोरबा पुलिस की सफलता, अपराध पर कड़ा वार

इस केस में कोरबा पुलिस की तेज़ सूझबूझ और संयुक्त प्रयासों ने महज 48 घंटे में न केवल एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाया बल्कि यह भी दिखाया कि आज की पुलिस आधुनिक तकनीक और मानवीय समझ दोनों में कितनी दक्ष हो चुकी है

इस जघन्य अपराध का खुलासा पुलिस की प्रभावी समन्वय, तकनीकी दक्षता, तथा मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से की गई पूछताछ के फलस्वरूप संभव हुआ। कोरबा पुलिस इस सफल अन्वेषण के माध्यम से यह संदेश देना चाहती है कि “कोई भी अपराध कितना भी छिपा क्यों न हो, कानून की पहुँच से दूर नहीं रह सकता।”

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