प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रशासनिक लापरवाही से हितग्राही परेशान, दो-दो बार निर्माण कर लौटाने को कहा जा रहा राशि

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा, छत्तीसगढ़ – जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम चर्रा के निवासी इंद्रपाल सिंह अगरिया प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले आवास को लेकर प्रशासनिक उलझनों में फंस गए हैं। हितग्राही का कहना है कि उन्हें योजना के तहत आवंटित आवास के लिए जरूरी दस्तावेज—आधार कार्ड और बैंक पासबुक—ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक और मेट के माध्यम से आवास शाखा को जमा कराया गया था।

लेकिन बाद में बताया गया कि उनके आधार से पहले ही एक आवास पूर्ण दिखाया जा रहा है। इस पर वैकल्पिक रूप से उनकी पत्नी विनिता बाई अगरिया के दस्तावेज जमा कराए गए, जिसके आधार पर उनके खाते में प्रथम किश्त की राशि आई और उन्होंने निर्माण कार्य पूरा कर दिया।

 

वहीं दूसरी ओर, इंद्रपाल सिंह अगरिया के नाम से भी आवास की राशि उनके खाते में स्थानांतरित की गई और उससे भी उन्होंने निर्माण कार्य संपन्न करवा दिया। दोनों आवासों का नियमानुसार जियो टैगिंग भी रोजगार सहायक, मेट और आवास मित्र द्वारा कर दी गई थी।

अब जब दोनों आवास पूर्ण हो चुके हैं, तब प्रशासन की ओर से राशि वापसी की मांग की जा रही है, जिससे हितग्राही मानसिक रूप से परेशान हैं। इंद्रपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने शासन की राशि का दुरुपयोग नहीं किया है, बल्कि उसका सदुपयोग कर आवास निर्माण कार्य पूर्ण किया है। ऐसे में उनसे राशि लौटाने की मांग अन्यायपूर्ण है।

उन्होंने जिला कलेक्टर महोदय से इस प्रकरण में उचित जांच कर कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि गरीब हितग्राही को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।

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