महिला बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल: भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप

कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। महिला बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार, पक्षपात और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लग रहे हैं। कलेक्टर जनदर्शन में सामने आई शिकायतों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

भ्रष्टाचार और चयन प्रक्रिया में अनियमितता
पोड़ी उपरोड़ा परियोजना के 75 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 58 केंद्रों की सूची जारी की गई, जबकि 17 केंद्रों की सूची अब तक नहीं आई है। दावा-आपत्ति दायर करने वालों का आरोप है कि महीनों बीतने के बाद भी उनका निराकरण नहीं किया गया।

जनपद पंचायत करतला की सदस्य लक्ष्मीन कंवर ने आरोप लगाया कि सहायिका पद के लिए ₹50,000 की रिश्वत मांगी गई। वहीं, स्याहीमुड़ी वार्ड क्रमांक 45 में स्थानीय महिलाओं को जानकारी दिए बिना, चयन प्रक्रिया में पक्षपात किया गया।

कटघोरा में विवादित नियुक्ति का मामला
कटघोरा के वार्ड क्रमांक 04 में शिकायतकर्ता सरिता कुर्रे ने विवादित अभ्यर्थी पूजा यादव पर आरोप लगाया कि वह वार्ड क्रमांक 01 की निवासी होते हुए भी गलत तरीके से वार्ड क्रमांक 04 की मतदाता सूची में नाम जुड़वाकर चयनित हुई हैं।

विधवा महिलाओं की उपेक्षा
आमटिकरा की एक विधवा महिला का आवेदन यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि वह गैर-निवासी है। दावा-आपत्ति के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

प्रशासनिक निष्क्रियता और बढ़ता आक्रोश
भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों पर कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष चयन प्रक्रिया और पारदर्शिता की मांग की है।

पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
यह मामला पूरे प्रदेश की प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़ा करता है। शिकायतों की गहन जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि विभाग की साख बचाई जा सके और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
अभी यहाँ क्लिक करके डाउनलोड करें  
स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now