शासकीय हाईस्कूल दर्री के अहाते में कबाड़ की दुकान, विगत डेढ़ वर्षो से अब तक नहीं बन पाई स्कूल की बिल्डिंग, अहाता तोड़ स्कूल बिल्डिंग से सटाकर बना रहे घर,

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा जिले के उप नगरीय क्षेत्र दर्री में संचालित शासकीय हाई स्कूल दर्री के अहाते को तोड़कर स्कूल से सटाकर हो रहा अतिक्रमण

बता दे की शासन द्वारा स्कूलों को कोरबा जिले के उप नगरीय क्षेत्र दर्री में शासकीय हाई स्कूल संचालित है, इस स्कूल के पीछे सिंचाई विभाग की बाउंड्री वॉल निर्मित है, और उसके बगल में HTPS पावर प्लांट की बाउंड्री निर्मित है इन दोनो बाउंड्री के बीच की खाली भूमि में कुछ लोगो द्वारा अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है, चूंकि अहाता से बाहर अतिक्रमण से पूर्व में स्कूली छात्र-छात्राओं को परेशानी नहीं हो रही थी परंतु इस चुनावी वर्ष एवं अचार संहिता का फायदा उठाते हुए अतिक्रमणकारियो द्वारा उक्त अहाते को तोड़कर स्कूल के बगल में सेप्टिक टैंक एवं घर के दरवाजे खोलकर और कबाड़ रखकर अवैध कब्जा किया जा रहा है

बता दे प्राप्त जानकारी के अनुसार की उक्त स्कूल में लगभग ढाई सौ से तीन सौ छात्र-छात्राएं अध्यनरत है, जिसे देखते हुए शासन द्वारा अतिरिक्त भवन का निर्माण डीएमएफ की राशि से विगत डेढ़ वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था, परंतु न जाने किस कारण से उक्त भवन का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, इस अधूरे भवन से सटकर से सटाकर लोग अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं एवं भवन की ईट को भी तोड़कर भवन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है वही अतिक्रमणकारियो द्वारा अहाते को तोड़कर अपने मकान का दरवाजा स्कूल की तरफ खोल दिया गया है एवं कुछ कबाड़ व्यवसाईयों द्वारा स्कूल के पास अवैध कबाड़ रखकर उक्त भूमि पर कब्जा बना रखे हैं

जानकारी मिलने पर स्कूल के शिक्षकों से मुलाकात कर इसकी जानकारी लेने पर जानकारी मिली की स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों का शाम के समय डेरा लगा रहता है और अतिक्रमण कार्यों द्वारा इस प्रकार स्कूल परिसर में अतिक्रमण करने से स्कूलीछात्र-छात्राओं को भी कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, एक तो स्कूल में स्टाफ की कमी है  वही अतिक्रमणकारीयों को मना करने पर उनके द्वारा वाद विवाद किया जाता है

जिसके संबंध में स्कूल प्रबंधन द्वारा अतिक्रमणकारियो द्वारा किए जा अतिक्रमण की जानकारी लिखित सूचना के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय एवं दर्री थाने में दी गई है,

बता दें विगत दिनों छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमे सभी जिला कलेक्टर्स को मॉनटिरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

उक्त बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मैदानी स्तर पर जाकर स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करें। कलेक्टर भी हर महीने दो से तीन स्कूलों का दौरा कर वहां निरीक्षण करें।

मुख्यमंत्री ने स्कूलों के रिनोवेशन के काम पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा निर्माणाधीन एवम जर्जर स्कूलों के जीर्णोद्धार के काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिनके काम धीमे चल रहे हैं।उन पर कार्य में प्रगति लाने एवं कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश करे

कलेक्टरों से उन्होंने स्कूल भवनों की मॉनिटरिंग करने कहा है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और शालाओं के युक्ति-युक्तकरण के लिए प्रस्ताव अगले कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, इससे शालाओं में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।

शासकीय हाई स्कूल दर्री की इस समस्या पर प्रशासन शीघ्र संज्ञान लेते हुए अतिक्रमण कार्यों से स्कूल परिसर को मुक्त करा कर बाउंड्री वॉल का मरम्मत कराकर स्कूल को शीघ्र सुरक्षित कर स्कूली छात्र-छात्राओं को सुरक्षा प्रदान करने में क्या कदम उठाती है?

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