राखड़ डैम से प्रभावित गांवों में फिर भड़का आक्रोश, मुआवजा-रोजगार को लेकर ग्रामीणों का धरना

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा जिले में एनटीपीसी के राखड़ डैम से प्रभावित गांवों में एक बार फिर असंतोष खुलकर सामने आया। ग्राम पंचायत धनरास सहित धनरास, छुरी खुर्द, घमोटा और सालियाभाटा के ग्रामीणों ने 23 मार्च को मुआवजा, रोजगार और लंबित समस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने राशन परिवहन करने वाले वाहनों को भी रोक दिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी प्रबंधन वर्षों से केवल आश्वासन देता आ रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आंदोलन से पहले भी प्रबंधन को लिखित पत्र देकर चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

धरने के दौरान ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं—राखड़ डस्ट से प्रभावित किसानों को तत्काल क्षतिपूर्ति, सीपेज वाटर पंप में स्थानीय लोगों को रोजगार और वित्तीय वर्ष 2024-25 की सीपेज राशि का शीघ्र भुगतान। साथ ही ग्रामीणों ने 2006 में राखड़ डैम फटने की घटना और उस समय किए गए रोजगार के वादों को भी याद दिलाया।

सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और एनटीपीसी अधिकारियों को बुलाकर चर्चा कराई। लंबी बातचीत के बाद प्रबंधन ने 15 अप्रैल तक क्षतिपूर्ति देने और 27 मार्च को रोजगार के मुद्दे पर बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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