कोरबा, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मंगलवार को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बनाए रखने की मांग रहा।

जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रदर्शन के दौरान मनरेगा के नाम और स्वरूप में किए जा रहे बदलावों को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इस बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड गेट को धकेलते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया और हालात को नियंत्रित रखा।

कुछ देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्पति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखने, पंचायतों और ग्राम सभाओं को पूर्व की तरह अधिकार देने तथा वर्तमान महंगाई को देखते हुए मजदूरी दर 400 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।









