कोरबा छत्तीसगढ़
जिला Korba में टी-संवर्ग व्याख्याता से प्राचार्य पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। अस्थि बाधित दिव्यांग अधिकारी सतीश कुमार गुप्ता ने जिला प्रशासन को प्रस्तुत अंतिम निवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी वरिष्ठता में मनमानी हेरफेर कर उन्हें जानबूझकर पदोन्नति से वंचित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री गुप्ता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरवाद्ववारी (करतला, जिला-कोरबा) में व्याख्याता पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने अपने आवेदन में बताया है कि टी-संवर्ग की वरिष्ठता सूची में उनका वास्तविक सामान्य क्रमांक 810 होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान उनका क्रमांक पहले 1167, फिर 1183 और बाद में 1189 दर्शाया गया, जिसे उन्होंने नियमविरुद्ध और तथ्यात्मक त्रुटि बताया है।
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि प्राचार्य पदोन्नति वर्ष 2023 की अंतिम वरिष्ठता सूची के आधार पर की गई, जबकि उसी सूची में दर्ज वरिष्ठता को बदलकर उन्हें पदोन्नति से बाहर कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठता विवाद की स्थिति में निर्णायक मानी जाने वाली जन्मतिथि (Date of Birth) को भी कथित रूप से नजरअंदाज किया गया।
“लगभग 400 नाम कैसे जुड़े?”
शिकायत में यह गंभीर प्रश्न भी उठाया गया है कि नवीनतम सूची उपलब्ध होने के बावजूद पुरानी सूची से पदोन्नति क्यों की गई और लगभग 400 अतिरिक्त नाम किस आधार पर जोड़े गए। आवेदक का कहना है कि उन्होंने पाँच वर्षीय गोपनीय चरित्रावली (CR) तथा चल-अचल संपत्ति विवरण नवंबर 2024 में विधिवत जमा कर दिया था, फिर भी उन्हें अयोग्य ठहराया गया।
संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
आवेदन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत पदोन्नति आरक्षण, तथा संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 में प्रदत्त समान अवसर के अधिकार के उल्लंघन की बात कही गई है। साथ ही, सामान्य प्रशासन विभाग के पदोन्नति आरक्षण संबंधी परिपत्रों और न्यायालयीन निर्देशों की अवहेलना का भी आरोप लगाया गया है, जिनमें Supreme Court of India और Chhattisgarh High Court के आदेश शामिल बताए गए हैं। संदर्भ के रूप में General Administration Department, Government of Chhattisgarh के परिपत्रों का भी उल्लेख किया गया है।
कलेक्टर से ये प्रमुख मांगें
आवेदन में जिला कलेक्टर से—
उच्च स्तरीय विभागीय जाँच समिति गठन
वरिष्ठता सूची में हेरफेर व जन्मतिथि उपेक्षा की तथ्यात्मक जाँच
लगभग 400 नाम जोड़े जाने के आधार की पड़ताल
श्री गुप्ता की वास्तविक वरिष्ठता (क्रमांक 810) बहाल करने
दिव्यांग आरक्षण सहित टी-संवर्ग से प्राचार्य पदोन्नति देने
30 दिनों के भीतर कारणयुक्त (Speaking Order) जारी करने
की मांग की गई है।
आवेदक ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में न्यायोचित कार्यवाही नहीं हुई, तो वे राज्य आयुक्त दिव्यांगजन एवं सक्षम न्यायिक मंच का रुख करेंगे।
अब निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कलेक्टर स्तर से इस संवेदनशील मामले में कब और कैसी कार्यवाही होती है।









