कोरबा में धान खरीदी व्यवस्था पर फिर सवाल, 24 घंटे में दूसरा किसान जहर सेवन कर तहसील पहुँचा

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा जिले में धान खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटे के भीतर एक और किसान द्वारा जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश का मामला सामने आया है। इससे पहले भी एक किसान ने जहर सेवन किया था, जिसे समय पर इलाज मिलने से बचा लिया गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम झांझ निवासी कृषक वैशाखू ने  दोपहर लगभग 2 बजे किसी कीटनाशक का सेवन कर लिया और सीधे हरदीबाजार तहसील कार्यालय पहुँच गया। किसान की हालत बिगड़ती देख तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

संयोग से उसी समय रास्ते से गुजर रहे जनपद उपाध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने मानवीय पहल दिखाते हुए किसान को अपनी गाड़ी से हरदीबाजार शासकीय चिकित्सालय पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार जारी है। पुलिस भी मौके पर पहुँचकर मामले की जांच में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि यह मामला रकबा कटौती के कारण धान की कम पैदावार दर्शाए जाने और बिक्री से जुड़ी समस्या से संबंधित है। इस घटना के बाद एक बार फिर कोरबा जिले की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में एक किसान द्वारा आत्मघाती प्रयास के बाद कलेक्टर के निर्देश पर पाली एसडीएम रोहित सिंह ने राजस्व अमले और धान खरीदी केंद्र प्रबंधकों की बैठक लेकर समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए थे। वहीं कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक हल्का पटवारी को निलंबित किया था तथा तहसीलदार और फड़ प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

इसके बावजूद दूसरा मामला सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन लगातार परेशान किसान आखिर जाए तो जाए कहाँ—यह सवाल अब और गंभीर हो गया है।

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