कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि के अवसर पर गांधी चौक, कोरबा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने शास्त्री जी को सच्चा गांधीवादी बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी और गरीबों की सेवा में समर्पित कर दिया।
डॉ. महंत ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शास्त्री जी को कई बार जेल जाना पड़ा। वे पं. जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में गृहमंत्री रहे और नेहरू जी के निधन के बाद देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि 8 अगस्त 1942 को गांधी जी द्वारा दिए गए “करो या मरो” के नारे को 9 अगस्त 1942 को इलाहाबाद पहुंचकर शास्त्री जी ने गांधीवादी सोच के अनुरूप “मरो नहीं, मारो” में परिवर्तित कर आंदोलन को नई दिशा दी, जिससे पूरे देश में क्रांति की लहर फैल गई। 19 अगस्त 1942 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि शास्त्री जी का राजनीतिक जीवन सैद्धांतिक होने के साथ-साथ पूर्णतः व्यवहारिक और जनआवश्यकताओं के अनुरूप था। “जय जवान जय किसान” का नारा देकर उन्होंने किसानों और जवानों का मनोबल बढ़ाया और देश को एक सूत्र में बांधा।
पूर्व विधायक मोहित केरकट्टा ने शास्त्री जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के कारण आज भी पूरा देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करता है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कहा कि शास्त्री जी की स्वच्छ और सादगीपूर्ण छवि के कारण उन्हें प्रधानमंत्री पद का दायित्व मिला। वे कहा करते थे कि देश की आजादी की रक्षा केवल सैनिकों का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का कर्तव्य है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि शास्त्री जी शांतिपूर्ण विकास और देश के प्रति पूर्ण निष्ठा में विश्वास रखते थे। वहीं मनोज चौहान ने कहा कि शास्त्री जी का मानना था कि सच्चा लोकतंत्र और स्वराज असत्य व हिंसा से कभी प्राप्त नहीं हो सकता।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्व. लाल बहादुर शास्त्री के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शास्त्री जी के बताए मार्ग पर चलकर देशसेवा करने का संकल्प लिया।












