झीरम के शहीद हमारे दिलों में अमर रहेंगे” — कांग्रेसजनों ने किया स्व. नंदकुमार पटेल को नमन

कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा :- जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर के द्वारा टी. पी. नगर कोरबा में स्व. नंदकुमार पटेल की जयंती कार्यक्रम आयोजित कर उन्हे याद किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्व. नंदकुमार पटेल की तैल चित्र पर माल्यापर्ण कर उन्हे श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया गया तत्पश्चात् नंद कुमार पटेल के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने नन्द कुमार पटेल को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जवाबदारी दी। उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान परिवर्तन यात्रा का कार्यक्रम बनाया था उसी दौरान सुकमा के पास झीरम घाटी में 25 मई 2013 को नक्सली हमले में शहीद हो गए। यह नक्सली हमला देश व प्रदेश का सबसे बड़ा नक्सली हमला था। इस घटना में 31 लोग शहीद हुए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष नत्‍थुलाल यादव ने स्व. नंदकुमार पटेल को नमन करते हुए कहा कि किसी परिवार के मुखिया के जाने का दुःख क्या होता है यह महेन्द्र कर्मा, नंद कुमार पटेल, दिनेश पटेल, विद्या चरण शुक्ला, उदय मुदलियार, योगेन्द्र शर्मा सहित घटना में शहीद हुए लोगों के परिवार ही जानते हैं।

पूर्व सभापति श्यामसुंदर सोनी ने कहा कि घटना में शहीद हुए नेतागण छत्तीसगढ़ की पहचान थे जो कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करते थे और प्रदेश की राजनिति मे उनका दबदबा था पर झीरम घाटी की नक्सली हिंसा में सबकुछ तबाह हो गया नक्सलियों की गोलियां ने उन परिवारों को अनाथ कर दिया जिनके चेहरे देखकर बच्चे विश्वास के साथ बड़े हो रहे थे। उन शहीदों के सपनों को पुरा करने का हम सब का कर्तव्य है।

प्रदेश कांग्रेस सचिव बी एन सिंह ने कहा कि नंद कुमार पटेल का जन्म 8 नवम्बर 1953 को नंदेली ग्राम में हुआ था। जिनका बाल्यकाल से ही गांव व गांव वालों की सेवा में रूचि थी। कांग्रेस पार्टी से खरसिया विधानसभा क्षेत्र से लगातार विजय प्राप्त करते रहे और अविभाजित म.प्र. तथा छत्तीसगढ़़ के गृहमंत्री के पद पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ की सेवा में जुटे रहे।

वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता सुरेश सहगल, ब्‍लॉक अध्‍यक्ष संतोष राठौर, पार्षद मुकेश राठौर, सुकसागर निर्मलकर, रवि चंदेल, अविनाश प्रेमलता बंजारे, अवधेश लाठिया, अनिल कुमार, सुरेश कुमार अग्रवाल आदि ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जानबुझ कर इन नेताओं की सुरक्षा पर लापरवाही बरती गई। सात वर्ष पूर्व माओवादियों ने देश के सबसे बडे़ नरसंहार को अंजाम दिया था, उसके निशान आज भी झीरम घाटी पर मौजूद है। झीरम घाटी से लगे दरभा गांव के लोग तथा कांग्रेस परिवार के लोग घटना को याद करके आज भी सिहर उठते हैं।

कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन धारण कर नंद कुमार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हे याद किया गया।

 

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