कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बीते एक सप्ताह से चोरी और लूट की बढ़ती घटनाओं ने नागरिकों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लगातार हो रही वारदातों ने लोगों को सतर्क कर दिया है।
22 सितंबर की रात अलग-अलग स्थानों पर हुई तीन बड़ी लूट की घटनाओं में बदमाशों ने छात्रा, युवक और पेट्रोल पंप कर्मचारी को निशाना बनाया। मोबाइल, नकदी और मोटरसाइकिल की लूट की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर और नगर पुलिस अधीक्षक विमल पाठक के मार्गदर्शन में दर्री थाना प्रभारी नागेश तिवारी और साइबर सेल प्रभारी अजय सोनवानी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 2 चाकू और 4 मोटरसाइकिलें (एक लूट की, एक चोरी की और दो निजी बाइक) बरामद कीं। सभी वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया जबकि नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। मुख्य आरोपी प्रगति नगर निवासी आदतन अपराधी राजा बाबू पोर्ते को उसके साथियों संदीप दिवाकर और राहुल यादव के साथ मध्यप्रदेश के डिंडोरी से गिरफ्तार किया गया। वहीं बांकी मोगरा क्षेत्र से विकास श्रीवास, विष्णु श्रीवास और प्रमोद कुमार केवट को पकड़ा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिग अपराधों के पीछे नशे की लत, पारिवारिक निगरानी की कमी और गलत संगत जैसे कारण जिम्मेदार हैं। पुलिस ने बताया कि नवरात्र पर्व जैसे आयोजनों में देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं।
पुलिस की अपील:
दुर्गा समितियां रात 10:30 बजे तक कार्यक्रम समाप्त करें।
महिलाओं और नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
किशोर बच्चों पर निगरानी रखें, देर रात तक घर से बाहर न रहने दें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह घटना स्पष्ट करती है कि अपराध रोकने में केवल पुलिस पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। परिवार, समाज और धार्मिक समितियों को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। युवाओं को सही दिशा देना और नाबालिगों को नशे व अपराध से बचाना आज सबसे बड़ी सामाजिक चुनौती है।












