कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा, 28 सितंबर 2025। SECL जंगल कॉलोनी मानिकपुर निवासी एक महिला ने दर्री थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके 15 वर्षीय पुत्र के साथ रात लगभग 3:30 बजे भवानी मंदिर के समीप लूट और मारपीट की घटना हुई।
घटना का संक्षिप्त विवरण: जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग हाईस्कूल का छात्र है, जो अपने दो दोस्तों के साथ पिता की सेलेरियो कार लेकर भवानी मंदिर घूमने गया था। देर रात घर लौटते समय नया पुल के पास 7–8 युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने चाकू लहराते हुए गाली-गलौज की और धमकाकर मोबाइल फोन छीन लिया। इस दौरान नाबालिग और उसके दोस्तों से धक्का-मुक्की भी की गई।
पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध युवकों को तलब कर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि वारदात में शामिल सभी आरोपी नाबालिग हैं।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर और नगर पुलिस अधीक्षक विमल पाठक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नागेश तिवारी, उपनिरीक्षक रश्मि थॉमस और साइबर सेल प्रभारी अजय सोनवानी की देखरेख में विशेष जांच टीम बनाई गई।
इस टीम में एएसआई ललित जायसवाल, आरक्षक सरोज साहू, सतीश मरकाम, मार्तंड सिंह और जागेश्वर भैना शामिल थे। टीम ने महज कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ लिया। सभी नाबालिगों को विधि अनुसार बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।
बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों से चार चोरी की मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और चैन स्पोकेट से बना खतरनाक पंजा हथियार (लामा पंजा) बरामद किया। बताया गया कि सभी वाहनों की नंबर प्लेट निकाल दी गई थी, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
सामाजिक चेतावनी: यह घटना केवल अपराध का मामला नहीं, बल्कि परिवार और समाज की लापरवाही का आईना भी है। रात के समय नाबालिगों का वाहन लेकर घूमना, अभिभावकों की अनदेखी और बच्चों पर निगरानी की कमी जैसी गंभीर समस्याएं साफ झलकती हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर अभिभावक अपने बच्चों पर नजर रखें, उन्हें वाहन चलाने से रोकें और देर रात घर से बाहर न निकलने दें, तो ऐसे अपराधों पर रोक लग सकती है।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों पर सतत निगरानी रखें।
देर रात उन्हें घर से बाहर न निकलने दें।
नाबालिगों को वाहन चलाने से सख्ती से रोकें।
यदि समाज और परिवार जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तो ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे, और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह होगी कि पीड़ित भी नाबालिग होंगे और अपराधी भी नाबालिग।











