छत्तीसगढ़ जनवार्ता
कोरबा ब्लॉक, छत्तीसगढ़ में पंचायत प्रतिनिधियों—सरपंच, सचिव और पंचों—की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य था स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs), ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और ग्राम पंचायत योजना निर्माण सहयोगी दल (GPPFT) के माध्यम से पंचायतों में सहभागी एवं समावेशी योजना निर्माण को समझना और आगे बढ़ाना।
बैठक की शुरुआत सुश्री ऋचा साहू द्वारा LSDGs की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई, जिसमें उन्होंने बाल-हित, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, आजीविका और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को स्थानीय उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि कैसे LSDGs को पंचायत योजना निर्माण की प्रक्रिया में शामिल कर ग्राम स्तर पर ठोस परिवर्तन लाया जा सकता है।
इसके पश्चात श्री मंशू द्वारा GPDP और GPPFT पर चर्चा की गई। उन्होंने इन दोनों प्रक्रियाओं की उपयोगिता को सरल शब्दों में समझाया और बताया कि विभागीय समन्वय, आंकड़ा-आधारित योजना और समुदाय की भागीदारी कैसे एक मजबूत और प्रभावी पंचायत योजना तैयार कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि GPPFT फोरम केवल एक औपचारिकता न होकर ग्राम सभा एवं विभागीय संवाद का एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
इस संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने योजना निर्माण में आने वाली चुनौतियों जैसे विभागीय जटिलता, समुदाय की उदासीनता, और संसाधन की कमी पर भी चर्चा की और कई स्थानीय सफल प्रयासों को साझा किया। सरपंचों ने यह भी निर्णय लिया कि वे अपने पंचायतों में ऐसे ही संवादों का आयोजन करेंगे जिससे अधिक से अधिक लोग इन प्रक्रियाओं से जुड़ें और पंचायत की योजना में अपनी भूमिका निभाएं।
यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण था कि जब ग्राम स्तर पर सही जानकारी, दिशा और समर्पण के साथ योजना बनाई जाती है, तो उसमें बड़े स्तर पर बदलाव लाने की क्षमता होती है। LSDGs, GPDP और GPPFT जैसे शब्द, जब सही तरीके से अपनाए जाएं, तो वे पंचायतों को विकास का वास्तविक वाहक बना सकते हैं।












