कोरबा छत्तीसगढ़
जिला कोरबा के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम चर्रा पंचायत बागों के ग्रामीणों ने वर्षों पुराने फर्जी पट्टों को निरस्त करने की मांग को लेकर एक बार फिर कलेक्टर कार्यालय का रुख किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1980-81 के पूर्व शासन द्वारा जिन व्यक्तियों को वन अधिकार पट्टा जारी किया गया था, उन लोगों को स्वयं इस संबंध में जानकारी नहीं है और न ही वे कभी उस भूमि पर काबिज हुए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन सर्वे नंबरों पर पट्टा दर्शाया गया है, उन पर वे लोग पिछले 70-80 वर्षों से निवासरत हैं और कृषि कार्य करते आ रहे हैं। इसके बावजूद कुछ नामों को पट्टा धारक दिखाकर सरकारी दस्तावेजों में दर्ज किया गया है, जो कि पूर्णत: फर्जी है।
ग्रामीणों ने निम्नलिखित फर्जी पट्टों की सूची प्रस्तुत की:
सर्वे नंबर 3%, रकबा 0.023, नाम – मानसिंह/समारू
सर्वे नंबर 34, रकबा 0.113, नाम – बुधराम/शंकर
सर्वे नंबर 4, रकबा 0.066, नाम – मंगल/घासीराम
बरा नंबर 1/1, रकबा 1.1130, नाम – बिहानू/समारू
गांव के पटेल, सरपंच एवं अन्य ग्रामवासियों को भी इन पट्टों की कोई जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने पहले भी इस संबंध में संबंधित हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक तथा कलेक्टर कार्यालय को कई बार आवेदन दिया है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए इन फर्जी पट्टों की जांच कर उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए ताकि वर्षों से निवासरत वास्तविक भूमिधारकों को न्याय मिल सके।










