कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा। ग्राम पंचायत चाकाबुड़ा के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव रजनी प्रधान एवं रोजगार सहायक अंजु सिदार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कोरबा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोनों अधिकारियों को तत्काल पद से हटाकर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि विगत दस वर्षों से पंचायत में व्यापक अनियमितता एवं एकतरफा कार्य हो रहा है। मनरेगा योजना के तहत फर्जी मस्टर रोल बनाकर लाखों रुपये का गबन, आदिवासी बहुल क्षेत्र में सामान्य वर्ग के निजी व्यक्तियों को सरकारी जमीन का पट्टा देना, प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत की मांग, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में अनियमितता, तथा घटिया सीसी रोड निर्माण जैसे अनेक गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने सरकारी योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार कर ग्रामवासियों का हक छीना है। इसके साथ ही, ग्राम सभा के रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर कर कार्यों को स्वीकृति दिलाना, पशु औषधालय परिसर की सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति को बेचना, तथा निर्माणाधीन भवनों को अधूरा छोड़ देना जैसी अनियमितताएं भी उजागर की गई हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सचिव रजनी प्रधान के पास आय से अधिक संपत्ति है, और पहले भी वे एक अन्य पद से बर्खास्त हो चुके हैं। ग्रामवासियों ने मुक्तिधाम एवं सोसायटी गोदाम भवन के निर्माण में भी अनियमितता की शिकायत की है।
ग्रामीणों ने कोरबा कलेक्टर से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त किया जाए ताकि ग्राम का समुचित विकास संभव हो सके। ग्रामीणों ने ज्ञापन के साथ सभी आरोपों के प्रमाण भी संलग्न किए हैं।











