कोरबा छत्तीसगढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 18 मार्च 2025 से जारी है। प्रदेश भर में सभी पंचायत सचिव काम बंद और कलम बंद हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। सचिवों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कर्मचारियों के लिए कई वादे किए थे, लेकिन अभी तक उन्हें पूरा नहीं किया गया है। इन्हीं मांगों को लेकर प्रदेशभर में सचिव हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे पंचायतों का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
शासन का अल्टीमेटम, सचिवों का विरोध प्रदर्शन
प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत सचिवों को तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने का अल्टीमेटम जारी किया गया था, लेकिन सचिवों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। हड़ताली सचिवों ने प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। सचिवों का कहना है कि सरकार जबरन दबाव बनाकर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
हड़ताल का असर पंचायत कार्यों पर
सचिवों की हड़ताल के कारण प्रदेशभर की पंचायतों में विकास कार्य ठप हो गए हैं। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन योजना, राशन कार्ड संबंधित कार्य, राजस्व अभिलेखों का संधारण और अन्य प्रशासनिक कार्य बाधित हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन पंचायत सचिवों की गैरमौजूदगी से किसी को राहत नहीं मिल रही है।
नव निर्वाचित सरपंचों और पंचों को पंचायतों का प्रभार नहीं मिल पा रहा है, जिससे पंचायत संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवास स्वीकृति और अन्य योजनाओं के कार्य रुक गए हैं, जिससे ग्रामीण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर विचार किया जा रहा है, लेकिन सचिवों ने सरकार से सीधा आश्वासन मिलने तक हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया है।
ग्राम पंचायत सचिवों के आंदोलन को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रशासनिक गतिविधियों पर और अधिक असर पड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि सरकार सचिवों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और यह हड़ताल कब तक जारी रहती है।











