कोरबा, छत्तीसगढ़
जिला कोरबा में रोजगार और मजदूरी दर को लेकर ग्रामीणों और मजदूरों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए 17 मार्च से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
ग्राम पंचायत धनरास और आसपास के क्षेत्रों के श्रमिकों का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से राखड़ बांध में कार्य कर रहे हैं, लेकिन मजदूरी दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके अलावा, एनटीपीसी दर से भुगतान की मांग को लेकर भी कई बार आवेदन और आंदोलन किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

मुख्य मांगे:
1. ग्राम पंचायत के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
2. राखड़ बांध में मजदूरी दर में बढ़ोतरी की जाए और एनटीपीसी दर से भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
3. नवंबर से जुलाई तक लगातार राखड़ धूल की समस्या बनी रहती है, लेकिन मुआवजा नौ माह मे केवल 10 दिनों के हिसाब से दिया जाता है, जिसे बढ़ाकर पूरे महीने तक किया जाए।
श्रमिकों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए, अन्यथा वे मजबूर होकर 17 मार्च से पूर्ण कार्यबंद और अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
इस मामले पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। देखना होगा कि क्या जिला प्रशासन इस मुद्दे पर कोई त्वरित कदम उठाता है या फिर श्रमिकों को अपने हक के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।










