गढ़चिरौली में बंधक मजदूर: पत्नियों और परिजनों ने की कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार, “हमें हमारे पति वापस कराए

कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा // छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम जेमरा की महिलाएं सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन में अपने पतियों की रिहाई की गुहार लगाने कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं।

महिलाओं का आरोप है कि उनके पति और अन्य मजदूरों को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में ठेकेदार द्वारा बंधक बनाकर गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा है। इन मजदूरों को तीन महीने पहले ग्राम सैला निवासी राम सिंह चौहान और उसकी पत्नी लक्ष्मी चौहान द्वारा ठेकेदार मोतीलाल के पास कोरबा में कंस्ट्रक्शन के काम के बहाने गढ़चिरौली ले जाकर बंधक बना लिया।

महिलाओं ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि ठेकेदार ने मजदूरों को गढ़चिरौली में काम करने पर 800 रुपये प्रति दिन मजदूरी, भोजन और अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था। लेकिन, तीन महीने बीत जाने के बाद भी उनके पतियों को कोई मजदूरी नहीं दी गई है। उल्टा, उनके मोबाइल छीनकर बंधक बना लिया गया है।

मजदूरों की पत्नियों का कहना है कि कभी-कभार जब बात होती है, तो ठेकेदार अर्जुन जाधव खुद सामने बैठा रहता है उनसे जब मजदूरी के भुगतान और पैसे मांगने या किसी काम पर घर आने की बात कही जाती है तब उस ठेकेदार धमकी देता है कि मैने इन्हें डेढ़ लाख रुपए दिए है मेरे पैसे वापस दे दो इन्हें छोड़ दूंगा अगर उन्होंने पैसे की व्यवस्था नहीं की, तो उनके पतियों को जान से मार दिया जाएगा।

ठेकेदार पर डेढ़ लाख की फिरौती मांगने का आरोप

महिलाओं ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अर्जुन जाधव और उसकी पत्नी मजदूरों को छोड़ने के लिए हर परिवार से डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो मजदूरों की हत्या कर दी जाएगी।

महिलाओं का कहना है कि हमारे परिजनों को काम पर लगाने के बहाने ले जाने वाले ग्राम सैला निवासी राम सिंह चौहान और उसकी पत्नी लक्ष्मी चौहान और ठेकेदार मोतीलाल पर भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम सिंह ने उन्हें गढ़चिरौली में काम दिलाने के नाम पर धोखा दिया और उनके पतियों को अर्जुन जाधव के पास बेच दिया। और पैसा ले लिया गया जब उनसे इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने धमकी दी, “हम सरकार से परमिशन लेकर लेबर ले जाते हैं। तुम चाहे जो कर लो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।”

एक मजदूर की पत्नी यशोदा ने कहा, “मेरा पति गढ़चिरौली में गन्ना काट रहा है। न उन्हें भुगतान दिया गया, न छुट्टी। छुट्टी की बात करने पर ठेकेदार डेढ़ लाख रुपये मांग रहा है।”

एक अन्य महिला चैती बाई, जिसका 35 वर्षीय पुत्र अर्जुन भी गढ़चिरौली में बंधक है, ने कहा, “मोतीलाल नामक ठेकेदार उसे काम के लिए ले गया था। अब ठेकेदार हमें धमका रहा है कि बिना पैसे के उसे नहीं छोड़ेगा।”

ग्राम जेमरा के सरपंच भंवर सिंह उईके ने महिलाओं की शिकायत पर ठेकेदार से बात करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि ठेकेदार अर्जुन जाधव के फोन नंबर पर बात करने पर उसने मजदूरों की रिहाई के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की। ट्रूकॉलर पर यह नंबर अर्जुन जाधव के नाम से दर्ज है।

सरपंच ने बताया, “महिलाओं ने मुझे बताया कि उनके पतियों को कोरबा से कंस्ट्रक्शन का काम करने के लिए ले जाया गया था। लेकिन, वहां से उन्हें गढ़चिरौली में गन्ना कटाई के काम पर भेज दिया गया। ठेकेदार ने न तो मजदूरी दी, न ही उन्हें वापस लौटने दिया। यह मामला पूरी तरह मजदूरों के शोषण और बंधुआ मजदूरी का है। हमने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।”

मजदूरों के नाम

1. इतवार सिंह पिता शिव सिंह (उम्र 50) ग्राम जेमरा

2. धर्म सिंह पिता रूप सिंह (उम्र 36) ग्राम जेमरा

3. अर्जुन सिंह पिता चैत राम (उम्र 34) ग्राम जेमरा

4. अमरजीत पिता गुलाब (उम्र 40) ग्राम जेमरा

5. जयपाल सिंह पिता जागेश्वर (उम्र 44) ग्राम जेमरा

6. सोम सिंह पिता धर्म सिंह (उम्र 30) ग्राम जेमरा

7. शत्रुघ्न सिंह पिता सुधराम (उम्र 50) ग्राम जेमरा

मजदूरों की पत्नियों और परिजनों ने कलेक्टर से कहा, “हमारे पति अपने परिवार का पेट पालने के लिए काम करने गए थे। लेकिन, ठेकेदारों ने उन्हें बंधक बना लिया। हम गरीब लोग कहां से डेढ़ लाख रुपये लाएं? हमें डर है कि ठेकेदार उनके साथ कुछ गलत कर देगा।”

महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनके पतियों को जल्द रिहा करवाया जाए

हालांकि जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करते हुए न्याय दिलाने की बात कही है

प्रशासन की परीक्षा

यह मामला मजदूरों के शोषण और मानवाधिकारों के हनन का है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। क्या मजदूरों को उनके परिवारों तक सुरक्षित लौटाया जाएगा, या फिर यह मामला सिर्फ कागजों में सिमटकर रह जाएगा?

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