कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत कान्वेयर बेल्ट के रास्ते १०० से अधिक गौवंशो को करीब 10 से 15 लोगो द्वारा खदेड़ते हुए ले जाया जा रहा था जिसकी जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा गौवंशो को ले जाते हुए पकड़ लिया, और उनसे इसके बारे में पूछ ताछ की , उनके द्वारा बताया गया की वे लोग ग्राम कटसिरा निवासी है और इन गौवंशो को चराने के लिए लेमरू के जंगल लेकर जा रहे है, तब बजरंग दल के द्वारा उनसे ग्रामीणों और ग्राम के सरपंच द्वारा लिखित में इन गौवंशो को चराने के लिए कोई पत्र या कोई वैध दस्तावेज की मांग की गई ,ग्रामीणों द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखाने पर कार्यकर्ताओ को उन पर संदेह हुआ ,

जिसपर बजरंग दल के कार्यकर्ताओ ने तत्काल थाना दर्री पुलिस को इसकी जानकारी देते हुए बताया की कुछ अज्ञात लोगो द्वारा १०० से अधिक गौवंशो को खदेड़ते हुए ले जाया जा रहा है और उनके पास इन्हें ले जाने का कोई वैध प्रमाण भी नहीं है और प्रदेश में बढ़ते गौ तश्करी के मामले को देखते हुए उन्हें संदेह है की इन लोगो द्वारा गौवंशो को लेमरू के रास्ते रांची ले जाया जा रहा है जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए इसकी जाँच की जाय,

जिसकी जानकारी मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्री थाना प्रभारी किरण गुप्ता द्वारा इसकी जानकारी अपने वरिष्ट अधिकारियो को देते हुए उनके दिशा निर्देश पर अपनी टीम के साथ तत्काल स्थल पर पहुंची एवं ग्रामीणों द्वारा मवेशियों को ले जाने के बारे पूछताछ की गई ग्रामीणों द्वारा उचित जवाब न देने और कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें थाना लाया गया, इस दौरान ग्रामीणों ने बताया की वे सभी ग्राम कटसीरा निवासी है और ग्राम वासियों और सरपंच के कहने पर इन गौवंशो को लेमरू के जंगलो में छोड़ने जा रहे है , इसके पश्चात थाना प्रभारी द्वारा ग्राम के सरपंच से बात की गई, और मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीणों के पहचान करने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जिसपर ग्राम पंचायत कटसिरा के सरपंच होरी सिंह तंवर थाना पहुंचे और उनके द्वारा बताया गया की करीब १ सप्ताह पूर्व अज्ञात लोगो द्वारा लगभग १०० से अधिक गौवंशो को हमारे गाँव के समीप छोड़ दिया गया था, चूँकि हमारा ग्राम वासी कृषि के माध्यम से जीवकोपार्जन करते है और इन दिनों खेतो में फसल लगी हुई है जिसे इन मवेशियों द्वारा रात के समय खेतो में घुस कर काफी नुकसान किया जा रहा था, जिससे ग्रामीणों को काफी नुकसान हो रहा था, तब ग्राम वासियों द्वारा मुझे इसकी जानकारी देते हुए तत्काल ग्रामसभा की बैठक बुलाने कहा गया , ग्राम सभा में चर्चा के दौरान इन्हें गौवंशो को गौठान या गौशाला भेजने की बात पर सहमति बनी परन्तु कोरबा, रंजना, व अन्य स्थानों के गौशाला में बात किये जाने पर इसकी व्यवस्था नहीं हो पाई तब ग्रामीणों ने इन गौवंशो को दूरस्थ वनांचल में ले जाकर छोड़ने या वहा के गौठान में देने या फसलो के कट जाने तक इन्हें चराने की बात पर सहमति बनी और ग्रामवासियों की सहमति से समिति बनाकर इन गौवंशो को लेमरू देवपहरी के जंगलो में ले जाया जा रहा था , ग्राम सभा में इन्हें गौवंशो को ले जाने की हेतु मार्ग में परेशानियों का सामना ना करना पड़े इस हेतु लिखित में चालान दिया गया है चूँकि पत्रवाहक आवश्यक कार्य से पीछे रह गया जिसकी वजह से यह परेशानी हुई तब जाकर देर रात मामला शांत हुआ, बजरंग दल के कार्यकर्ताओ द्वारा रात में गौवंशो को दर्री में रखा गया और सुबह उन गौवंशो को गौशाला पहुचाने की बात कही यह काफ़ी गंभीर समस्या है क्योंकि अधिकांश गांव मे यही समस्या है जिनकी फसल ख़राब हो रही है इस पर शासन प्रशासन को ध्यान देना होगा










