कोरबा:- छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला एक औद्योगिक जिला है
यहां एनटीपीसी, सीएसईबी, बालको के बड़े-बड़े ताप विद्युत संयंत्र संचालित है, जिसकी वजह से इसे ऊर्जाधानी के नाम से भी जाना जाता है
कोरबा में स्थापित इन विद्युत संयंत्रों से बिजली पैदा करने के लिए कोयले का उपयोग किया जाता है, जिससे उत्सर्जित राख जिसमें कई प्रकार के केमिकल भी मिले होते हैं इस राख इकट्ठा करने हेतु एनटीपीसी और सीएसईबी द्वारा राखड़ डैम का निर्माण किया गया है

कोरबा की जनता पहले ही राखड़ परिवहन और जगह जगह अवैध कब्जा करने डंप किए गए राखड़ से पहले ही काफी परेशान है राखड़ परिवहन में लगी बड़ी-बड़ी ट्रेलर और हाईवे अपनी क्षमता से अधिक भार लेकर सड़कों पर दौड़ रही है जिससे दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही है, शासन द्वारा वाहनों मैं राखल को ढक कर परिवहन करने के निर्देश दिए, परंतु उसके बाद भी बड़ी वाहनों से राखड़ उड़ता नजर आ रहा है और लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
अभी गर्मी के दिनों में राख सुखी होने व आंधी चलने पर यह राख हवा में उड़कर प्रतिदिन तेजी से फैल रही है , पर शासन प्रशासन मौन है राखड के मुद्दे को लेकर चुनाव में बड़े-बड़े दावे करने और खुद को जनहितैषी कहने वाले जनप्रतिनिधियो का ध्यान भी अब इस ओर नहीं जा रहा है
प्रशासन द्वारा ऐसे अवैध अतिक्रमणकारियो और नियमों को ताक पर रखकर राख डंप करने वालो पर कार्यवाही भी नहीं कर रहा है
कुछ दिनों पूर्व पर्यावरण विभाग द्वारा प्रबंधनों को निर्देश दिया गया था कि राखड़ में नमी बनाए रखें और पानी का छिड़काव लगातार करें ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो और आम जनता को परेशानी न हो सके
परंतु पर्यावरण विभाग द्वारा आदेश करने के पश्चात यह नहीं देखा जा रहा कि प्रबंधन द्वारा उनके निर्देश का पालन किया जा रहा है या नहीं
एक ओर पर्यावरण विभाग ने निर्देश जारी कर अपना पल्ला झाड़ लिया वहीं दूसरी ओर एनटीपीसी,सीएसईबी जैसे प्रबंधन अपनी मनमानी करते नजर आ रहे

विगत तीन-चार दिनों से लगातार हल्की सी हवा चलने पर पूरा क्षेत्र राख से पूरी तरह ढक जा रहा है वही नजदीक ग्राम लोत लोता, धनरास, झाबू, नवागांव, स्याहिमुडी की आम जनता के खाने-पीने में भी राख प्रवेश कर रहा है जिससे लोगों के सांसों के माध्यम से यह राख मानव जीवन में प्रवेश कर रही है और कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न कर रही है
अभी गर्मी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हो पाई है और आम जनता पूरी तरह परेशान हो चुकी है
पर्यावरण विभाग को चाहिए कि दिए गए निर्देश का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं इसकी जांच की जाए और प्रशासन को भी इस और विशेष ध्यान देना चाहिए
ताकि आम जनता को इससे परेशानी ना हो और क्षेत्र में प्रदूषण न फैल सके









