*कोरबा/पाली:-* विगत कोरोना काल के दौरान आपदा को अवसर बना लाखों का हेराफेरी करने वाले ग्राम पंचायत बांका कागजों में पेयजल की व्यवस्था करा ग्राम में पानी की धार बहा दी। जिसमें बोर खनन, सबमर्सिबल पंप स्थापना और शासकीय भवनों में रनिंग वाटर के नाम पर कुछ लागत कर लाखों रुपए की राशि का गमन किया गया है।
14वें, 15वें वित्त की राशि का सबसे ज्यादा घोटाला करने वाले पाली जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बांका में बोर खनन कर कार्य, सबमर्सिबल पंप स्थापना व रनिंग वाटर सिस्टम के नाम पर बेहिसाब राशि आहरण किया गया लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकतर कार्य कराया ही नही गया और जो कार्य कराया भी गया है उससे अधिक राशि निकाली गई है या जिस कार्य पर भ्रष्ट्राचार को लेकर ऐसा लग रहा मानो पाली जनपद पंचायत कार्यालय के अधिकारी बांका पंचायत पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान बने हुए है।
*अधिकारी आखिर क्यों मेहरबान?*
जनपद पंचायत पाली के बांका पंचायत वासियों को पेयजल व्यवस्था मुहैया कराने के नाम पर पंचायत खाते से मनमाने राशि तो आहरण किया गया लेकिन अधिकतर पानी कागजों पर बहाया गया और शासकीय राशि का जमकर बंदरबांट किया गया। जनपद अधिकारी आखिर इस पंचायत के लिए इतने मेहरबान क्यों है। जहां बोर खनन, हेंडपम्प में सबमर्सिबल पंप और शासकीय भवनों में रनिंग वाटर स्थापना व अन्य कार्य के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग करते हुए वारा न्यारा किया गया। इससे जनपद पंचायत पाली के अधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद नजर आ रही है।
संवाददाता ,hd mahant












