भाजपा के स्टार प्रचारक केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी नहीं पहुंची कटघोरा लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा

कोरबा छत्तीसगढ
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कोरबा: मतदाताओं को साधने के लिए सास भी कभी बहू थी कि “तुलसी”  स्मृति ईरानी का कोरबा प्रवास  तय था। और क्षेत्र की जनता  बतौर नेता न सही लेकिन, लेकिन सास-बहू के सीरियल की एक आदर्श बहू तुलसी का इंतजार जरूर कर रहे थे।

इस दौरान उनका कार्यक्रम कुंडा गांव में भी था और वह कोंडागांव में  पहुंची भी लेकिन कोरबा में उनका दौरा कैंसिल हो गया।

सूत्रों का दावा है कि कोरबा में स्थानीय नेताओं ने बीजेपी की लुटिया डुबो दी है। वे संतोषजनक भीड़ नहीं जुटा सके। इसकी जानकारी स्मृति ईरानी तक पहुंची और हाई कमान को भी जब इस बात का पता चला तो उन्होंने दौरा ही रद्द कर दिया।

कटघोरा में आम सभा और कोरबा में रोड शो, दोनों ही कार्यक्रम कैंसिल हो गए जिससे कई गुटों में बंटे बीजेपी का भी एक गुट काफी खुश है जबकि प्रत्याशियों का चेहरा लटक गया है। खासतौर पर कोरबा विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी के पास जनता को साधने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। कोरबा के बीजेपी प्रत्याशी को उम्मीद थी की स्मृति आएंगी तो कुछ भला हो जाएगा, लेकिन यह उम्मीद भी टूट गई है।

स्थानीय नेता चीखते रहे और लोग बोर होते रहे
कटघोरा में स्मृति ईरानी के आने का समय दोपहर 2 बजे निर्धारित था। इसके पहले वह कोंडागांव में सभा कर चुकी थी। अब उनके कोरबा आने का इंतजार हो रहा था। सभा में स्मृति तो नहीं पहुंची, लेकिन कोरबा जिले के स्थानीय नेता मंच से चीख रहे थे। अब इन्हें सुनकर लोग उकताने लगे, पंडाल खाली होने लगा। लोग कुर्सी छोड़कर भागने लगे। उन्हें स्थानीय नेताओं के चेहरे और बातों में कोई दिलचस्पी नहीं थी। वह देखने आए थे तो, अपने सीरियल की बहू तुलसी को। देखते ही देखते 4 बज गए, जब तुलसी नहीं पहुंची तो रहे सहे लोग भी एक एक कर जाना शुरू कर दिए। आधे घंटे में कुर्सियां भी खाली हो गई, इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि स्थानीय नेताओं ने कम से कम जिले में तो बीजेपी की लुटिया पूरी तरह से डुबो ही दी है।

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